| मुख्य पहलू | विवरण |
|---|---|
| न्यायालय एवं पीठ | कलकत्ता उच्च न्यायालय, न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ। |
| मुख्य निर्णय | दो सहमति से विवाह करने वाले वयस्कों के विवाह में धर्म बाधा नहीं बन सकता। |
| कानूनी आधार | भारतीय कानून के अंतर्गत ऐसा कोई कानूनी प्रतिबंध नहीं है जो सहमति से अंतरधार्मिक विवाह करने वाले वयस्कों को रोकता हो। |
| पुलिस सुरक्षा का निर्देश | पश्चिम बंगाल पुलिस को विवाह पंजीकरण के दौरान संबंधित दंपति को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया गया। |
| न्यायिक निर्देश | पुलिस को कार्रवाई प्रतिवेदन (Action Taken Report - ATR) न्यायालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। |
| संवैधानिक संदर्भ | यह निर्णय भारतीय संविधान के तहत जीवन, व्यक्तिगत स्वतंत्रता तथा अपनी पसंद के अनुसार जीवनसाथी चुनने के अधिकार की पुष्टि करता है। |
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सहमति से अंतरधार्मिक विवाह करने वाले वयस्कों के अधिकार को बरकरार रखा।
01 August, 2026
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