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केंद्र सरकार लद्दाख में स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषदों के माध्यम से स्थानीय स्वशासन को सशक्त बनाएगी

केंद्र सरकार लद्दाख में स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषदों के माध्यम से स्थानीय स्वशासन को सशक्त बनाएगी
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केंद्र सरकार लद्दाख में स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषदों के माध्यम से स्थानीय स्वशासन को सशक्त बनाएगी

विषयमुख्य विवरण
घोषणाकेंद्र सरकार ने लद्दाख के सभी जिलों में स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (Autonomous Hill Development Councils - AHDC) स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है।
वर्तमान व्यवस्थावर्तमान में केवल लेह और कारगिल में हिल काउंसिल हैं। नई परिषदों का गठन शाम (Sham), नुब्रा (Nubra), चांगथांग (Changthang), ज़ांस्कर (Zanskar) तथा द्रास (Drass) में प्रस्तावित है।
AHDC की शक्तियाँभूमि प्रशासन, रोजगार, विकास योजना, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, कल्याणकारी योजनाएँ तथा आधारभूत अवसंरचना (Infrastructure) से संबंधित अधिकार।
उद्देश्यस्थानीय स्वशासन को सशक्त बनाना, जनजातीय पहचान की रक्षा करना, भूमि अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करना।
अनुच्छेद 371 के अंतर्गत राज्यमहाराष्ट्र, गुजरात, नागालैंड, असम, मणिपुर, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, सिक्किम, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, गोवा तथा कर्नाटक (हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र)
लद्दाख की प्रमुख माँगेंभूमि अधिकार, रोजगार में आरक्षण, जनजातीय पहचान का संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण तथा लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व

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