हीट डोम प्रभाव: भारतीय शहरों में रातें अधिक गर्म क्यों हो रही हैं?
| विषय | मुख्य तथ्य एवं आंकड़े |
|---|---|
| हीट डोम (Heat Dome) परिघटना | उच्च वायुदाब (High-Pressure) प्रणाली गर्म हवा को पृथ्वी की सतह के निकट फँसा लेती है, जिससे रात के समय तापमान में सामान्य रूप से होने वाली कमी नहीं हो पाती। |
| शहरों पर प्रभाव | भारत के कुछ शहरी क्षेत्रों में रात्रिकालीन न्यूनतम तापमान 33°C से अधिक दर्ज किया जा रहा है। |
| शहरी ऊष्मा द्वीप (Urban Heat Island) | कंक्रीट, डामर (Asphalt) और काँच जैसी सतहें दिन में ऊष्मा को अवशोषित करती हैं तथा रात में उसे छोड़ती हैं, जिससे रात का तापमान और बढ़ जाता है। |
| आर्द्रता (Humidity) का प्रभाव | तटीय शहरों में अधिक आर्द्रता के कारण 34°C तापमान भी 40°C जैसा महसूस हो सकता है। |
| जलवायु परिवर्तन से संबंध | वैश्विक तापन (Global Warming) के कारण हीट डोम की घटनाएँ अधिक बार और अधिक तीव्रता के साथ देखने को मिल रही हैं। |
| स्वास्थ्य संबंधी जोखिम | हीट एग्जॉशन (गर्मी से थकावट), निर्जलीकरण (Dehydration), हृदय संबंधी तनाव (Cardiovascular Stress) तथा नींद की गुणवत्ता में कमी जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। |

