सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए भारत ने गिटहब को 'बिचैट' (Bitchat) रिपॉजिटरी हटाने का आदेश दिया।
| मुख्य पहलू | विवरण |
|---|---|
| संबंधित एजेंसी | भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (Indian Cybercrime Coordination Centre - I4C), जो गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs - MHA) के अंतर्गत कार्य करता है। |
| संबंधित ऐप | बिचैट (Bitchat) – ब्लूटूथ लो एनर्जी (Bluetooth Low Energy - BLE) मेश नेटवर्क पर आधारित एक विकेंद्रीकृत (Decentralized) मैसेजिंग ऐप। |
| बिचैट की प्रमुख विशेषताएँ | - पीयर-टू-पीयर (Peer-to-Peer) एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग।<br>- इंटरनेट या सेल्युलर नेटवर्क पर निर्भर नहीं।<br>- पंजीकरण (Registration) या केंद्रीकृत सर्वर (Centralized Server) की आवश्यकता नहीं।<br>- कार्यक्षेत्र: 30–100 मीटर (परिस्थितियों के अनुसार)। |
| सरकार की चिंताएँ | - आतंकवादी एवं राष्ट्र-विरोधी समूहों द्वारा संभावित दुरुपयोग।<br>- फर्जी समाचार (Fake News) के प्रसार की आशंका।<br>- गुमनामी (Anonymity) के कारण निगरानी एवं ट्रैकिंग संभव नहीं।<br>- इंटरनेट बंद (Internet Shutdown) होने पर भी कार्य करने की क्षमता। |
| तकनीकी कार्यप्रणाली | - BLE मेश नेटवर्किंग पर आधारित (कोई केंद्रीय सर्वर नहीं)।<br>- संदेश निकटवर्ती उपकरणों (Nearby Devices) के माध्यम से आगे भेजे जाते हैं।<br>- इंटरनेट या वाई-फाई (Wi-Fi) की आवश्यकता नहीं होती। |

