मेघालय में खासी और गारो राज्य भाषाएँ बनीं
| मुख्य पहलू | विवरण |
|---|---|
| घटना | मेघालय ने खासी और गारो को आधिकारिक भाषा का दर्जा प्रदान किया। |
| कानूनी बदलाव | मेघालय आधिकारिक भाषा अध्यादेश, 2026 को मंजूरी दी गई, जिससे 2005 के राज्य भाषा अधिनियम को निरस्त किया गया। |
| मान्यता प्राप्त भाषाएँ | खासी, गारो और अंग्रेज़ी (अंग्रेज़ी संपर्क भाषा के रूप में जारी रहेगी)। |
| कार्यान्वयन | - सरकारी संचार और प्रशासन में खासी और गारो का उपयोग होगा। <br> - विधायक विधानसभा में इन भाषाओं में बहस कर सकेंगे। <br> - सरकारी परीक्षाओं में संभावित शामिल किया जा सकता है। |
| महत्व | - खासी और गारो जनजातियों की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है। <br> - शासन की पहुंच को बेहतर बनाता है। <br> - भाषाई विविधता को बढ़ावा देता है। |

