पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने राजस्थान में बाघों के पुनर्प्रवेश (टाइगर रीइंट्रोडक्शन) पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की।
| घटना | विवरण |
|---|---|
| कार्यशाला का शीर्षक | "बाघ पुनर्प्रवेश: अवसर एवं चुनौतियाँ" (Tiger Re-introduction: Opportunities & Challenges) विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला। |
| आयोजक | पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के अंतर्गत राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा राजस्थान सरकार के सहयोग से आयोजित। |
| उद्देश्य | बाघों के पुनर्प्रवेश, आवास (Habitat) पुनर्स्थापन, शिकार प्रजातियों (Prey) की संख्या बढ़ाने तथा लैंडस्केप कनेक्टिविटी (Landscape Connectivity) के लिए विज्ञान-आधारित रणनीतियों पर चर्चा करना। |
| प्रमुख आकर्षण | सरिस्का टाइगर रिज़र्व में बाघों के पुनर्प्रवेश के 18 वर्ष पूरे होने का स्मरण। यह 2005 में स्थानीय विलुप्ति के बाद बाघों के सफल पुनर्प्रवेश का विश्व का पहला सफल उदाहरण माना जाता है। |

