राजा रवि वर्मा की 'यशोदा और कृष्ण' सबसे महंगी भारतीय पेंटिंग
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| घटना | राजा रवि वर्मा की पेंटिंग 'यशोदा और कृष्ण' ₹167.20 करोड़ (USD 17.98 मिलियन) में बिकी, जो अब तक की सबसे महंगी भारतीय कलाकृति बन गई। |
| खरीदार | साइरस एस. पूनावाला (चेयरमैन, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया), जिन्होंने इसे "राष्ट्रीय धरोहर" बताया और समय-समय पर सार्वजनिक प्रदर्शन की योजना बनाई है |
| पेंटिंग का महत्व | इसमें यशोदा को गाय का दूध दुहते हुए और बाल कृष्ण को दूध के लिए खेलते हुए दिखाया गया है। यह यूरोपीय यथार्थवाद और भारतीय पौराणिकता का सुंदर मिश्रण है, जो वर्मा की तेल चित्रकला और यथार्थवादी कला में महारत को दर्शाता है |
| कलाकार की विरासत | राजा रवि वर्मा (1848-1906) ने भारतीय कला में क्रांति लाकर:<br> - यूरोपीय तेल चित्रकला तकनीकों को अपनाया <br> - लिथोग्राफिक प्रिंट (1894) के माध्यम से कला को आम जनता तक पहुँचाया <br> - कृष्ण जैसे पौराणिक पात्रों को मानवीय रूप में प्रस्तुत किया |

